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Tuesday, June 13, 2023

Degree (डिग्री)

King Manglu's arrival in the court
-- Baadab, Bamulahija smart..
"Drain Gas Extractor", "Beggar for 35 Years", "Born with a Tea Kettle", "4th Fail Etainer Political Science Degree", ------ ZIL-E-ELAIHI BADSHAH SULTANATE "  Mangalu is coming.

King Mangalu (sitting on the throne) --
--- Home Minister, whatever is said in my honor, don't know why it seems, I am being "humiliated" by saying "fourth fail"?  Is this courtier mixed with Vipzhi?

Home Minister -- Maharaj, this cannot happen.  On the contrary, the opposition has been calling you "fourth pass".  But this "illiterate" public has been calling you "fourth failed entire political science"?

Raja Manglu -- Home Minister, that's why I don't do anything for the public.  Whatever I do, I do it for "myself" and "my own".
By the way, when did the public know the secret of my degree?

Home Minister ----- Maharaj, for this you have to look into your past.
      --- Maharaj, it is a matter of those days, when in your childhood you got carried away with your mother's jewellery, due to which she started feeling very sad.  At the same time your "Guruji" threw your "fourth failed degree" from the window of your house in "postman dress".

Your father used to be "irritated" because of your "antics".  That day, as soon as he saw your "fourth fail degree" thrown by Guruji, immediately, he was in deep shock.  As soon as he saw them, his life became extinct.  He had to go, went to sleep, but before leaving, he was "hoisting" your degree, like a flag, in his hand.

May it be good for mother, who always considered your "respect" as "insult" of the house.  On father's screams, as soon as mother reached the place, she found that father was holding a "paper" in his hand.

      Mother was definitely illiterate, but she was experienced, she had heard that song "Let Raj Ko Raj Rahane Do", so on seeing that "paper" she understood, that this is definitely the "result" of your big "Karistani"  .  That's why they hurriedly snatched that degree from your father's hand, locked it in a chest and buried "Raj".

Now Maharaj, the secret is meant to be revealed as soon as it happens, so this "secret" was also revealed when you were forcefully "married".  Mother always used to explain to the new daughter-in-law, "Look daughter-in-law, you have "searched" everywhere, but never touch that "box".

After all, for how long would the "Bahurani" restrain herself, as per mother's order, she also searched the whole house, now only the "box" was left there after carrying it.

One day mother had gone to the temple to have darshan of the Lord, at that very moment "Bahurani" opened the "box".  Your "black act" which was locked in the box for so long, came out fluttering.  On the other side, mother was shaking the bell of the temple, and on the other hand, seeing the "degree" of "fourth fail", the "bells" in the mind of "Bahurani" were shaken.

      Maharaj, now the mistake of "Bahurani" was this, she herself saw it, but before leaving the house, this "Prasad" was "licked" by everyone by getting "photostat" done in the whole locality.

Raja Manglu -- (slightly angry) ---- But Home Minister, did we send you to our "Guruji" to get you a fake degree?

Home Minister ---- Maharaj, all this is done by your "Guruji"?

We went to him with "naked swords" as you said, by placing the sword on his neck, asked you to make a special "degree".  Guru ji went into a closed room, and handed over to us a "degree" on which "Entire Political Science" was written.

While walking, I had asked Guru ji, how has it been made Guru ji?  He said -- It has been made in such a way that people will not be able to find the "University" of this "degree" for seven births.

Maharaj, we came to the words of Guru ji, we did not know that he has written "Entire Political Science" on your "fourth failed degree".

Maharaj, we were so happy to receive your degree, that even before informing you, we had pasted posters of your "4th FAIL ENTIRE POLITICAL SCIENCE" degree on every building in the state.

Maharaj, he understood later, what "Ghantal" Guru ji had done with you.  I swear, I've been looking for him a lot since then, but he's missing like the "horns on a donkey's head"?

Raja Manglu --- (irritably) --- Home Minister, could you have seen it too?

Home Minister --- Maharaj, I have done "inter" after "twelfth", so don't expect much.

But Maharaj, Guru ji has said one thing true, no one in the state has "fourth fail entire political science" degree like you.

Raja Manglu----(extremely angry)----Kha.....mo...Sh.

The same evening Raja Manglu watched the family serial "Ashram-3" along with all the courtiers, one of whom was playing the role of "Baba Nirala" very well under Raja Manglu's supervision.


हिन्दी रुपांतरण

राजा मंगलू का दरबार में आगमन---
               --बाअदब, बामुलाहिजा होशियार..
"नाली से गैस निकालने वाले",   " 35 साल तक भीख मांगने वाले" , "चाय की केतली लेकर पैदा होने वाले",   "चौथी फेल एटांयर पालिटिकल सांइस डिग्री वाले", -----जिल्ल-ए-इलाही बादशाहे सल्तनत "मंगलू" पधार रहे है।
   
    राजा मंगलू (सिंहासन पर विराजमान होते हुए) --
         ---गृहमंत्रीजी,  ये जो कुछ मेरी शान में बोला जाता है, न जाने क्यों लगता है,  ये  "चौथी फेल"  बोल कर मुझे  "ज़लील"  किया जा रहा है ?  कहीं ये दरबारी विपझी से मिला हुआ तो नहीं है ?

गृहमंत्री --महाराज, ये हो ही नहीं सकता।   उल्टा विपक्ष तो आपको "चौथी पास" बताता आया है।   पर ये "जाहिल" जनता आपको  "चौथी फेल एंटायर पालिटिकल सांइस" बोलती आ रही है ? 

राजा मंगलू--गृहमंत्रीजी,  इसलिए तो जनता के लिए मैं कुछ नहीं करता।  जो कुछ भी करता हूं,  वह "अपने"  व "अपनों"  के लिए ही करता हूं।  
  वैसे ये मेरी डिग्री  का राज जनता को कब पता चला  ?

गृहमंत्री -----महाराज, इसके लिए आपको अपने अतीत में झांकना होगा।
      --- महाराज,  बात उन दिनो की है,  जब आप बचपन में मां जी के जेवर लेकर रफूचक्कर हो गये थे,  इस कारण वह बेहद उदास रहने लगी थी।   उसी समय आपके  "गुरुजी"  मौका पाकर   "पोस्टमैन ड्रेस"  में आपकी  "चौथी फेल डिग्री" आपके घर की खिड़की से  फेंक गये थे ।

       आपके पिताजी तो आपकी  "हरकतों"  की वजह से वैसे ही  "चिढ़े-चिढ़े"  से रहते थे।  उस दिन जैसे ही उन्होंने, गुरुजी द्वारा फेंकी गई आपकी  "चौथी फेल डिग्री"  के दर्शन किए,  उसी समय तत्काल, वह  गहरे सदमे में पहुंच गये।  देखते ही देखते उनके प्राण पखेरू हो गये।   उन्हें जाना था,  सो चले गये,  पर जाने से पहले, वह आपकी डिग्री,  झंड़े की माफिक हाथ में लेकर "फहरा"  रहे थे।

            वो तो भला हो मां जी का, जो आपकी  "इज्जत"   हमेशा  घर की  "बेइज्जती"  मानती रही ।  पिताजी के चीत्कार करने पर,  मां जी जैसे ही उस स्थान पहुंची,  तो पाया कि पिताजी  हाथ में एक  "कागज"  पकड़े हुए थे ।

       मां जी अनपढ़ जरुर थी, पर तजुर्बेकार थी,  उन्होंने वह गाना   " राज को राज रहने दो"    सुन  रखा था,  सो उस  "कागज"  को देखते ही समझ गई,  कि ये जरूर आपकी ही कोई बड़ी  "कारिस्तानी"  का  "नतीजा"  है।   लिहाजा उन्होंने आनन-फानन में आपके पिताजी के हाथ से वह डिग्री छीनकर,  एक संदूक में बंद करके, उसमें ताला लगाकर  " राज"   दफन कर दिया।

     अब महाराज,  राज तो होते ही खुलने के लिए है, इसलिए यह  "राज"   भी तब खुला,    जब आपका जबरदस्ती  "ब्याह"  किया गया ।    नई बहूरानी को मां जी हमेशा समझाती रहती,   कि देख बहू,  हर जगह  "छान-बीन" कर लियों,  पर उस "बक्से" से कभी हाथ मत लगइयों । 
      
       आखिर  "बहूरानी"  भी अपने आपको कब तक रोकती,  मां जी की आज्ञानुसार,  उन्होंने भी पूरे घर की खाक छान मारी,  अब ले-देकर वहीं "संदूक" ही बचा था। 

       एक दिन मां जी,  मंदिर में, प्रभू के दर्शन करने गई हुई थी,   ठीक उसी समय  "बहूरानी"  ने  वह   "संदूक"  खोल मारा।    आपकी  "काली करतूत"  जो इतने समय से बक्से में बंद पड़ी थी,  वह फुदक-फुदक कर बाहर आ गयी।      उधर  मां जी मंदिर का घंटा हिला रही थी,   और इधर   "चौथी फेल"  की  "डिग्री"  देखकर  "बहूरानी"  के  दिमाग की    "घंटियां"  हिल गयी।

        महाराज,  अब "बहूरानी"  की गलती यह रही, उन्होंने खुद तो देखा सो देखा,   पर घर छोड़ने से पहले पूरे मोहल्ले में  "फोटोस्टेट"  करवाकर इस  "प्रसाद"  को  सभी को "चटा"  गई।

राजा मंगलू--(तनिक गुस्से में)----पर गृहमंत्री जी,  हमने तुम्हें नकली डिग्री  बनवाने के लिए अपने  "गुरु जी " के पास भेजा तो था ? 

गृहमंत्री ----महाराज, आपके "गुरुजी" का ही तो यह सब कुछ   "किया-धरा" है ?  

       हम आपके कहे अनुसार  "नंगी तलवारें"   लेकर उनके पास गये थे,  तलवार उनकी गर्दन पर रखकर आपकी एक स्पेशल   "डिग्री"  बनाने को बोला था।    गुरु जी  बंद कमरे में गये,  और एक  "डिग्री"  जिस पर  "एंटायर पालिटिकल सांइस" लिखा था, हमें पकड़ा दी।  
       
            चलते वक्त मैंने गुरु जी से पूछा था,  गुरु जी कैसी बनाई है ?    वो बोले--  ऐसी बनाई है,  लोग सात जन्म  तक इस "डिग्री"  की   "यूनिबर्सिटी"  को नहीं ढूंढ पायेगें।

        महाराज,  हम गुरु जी की बातों में आ गये, हमें नहीं पता था, कि उन्होंने आपकी "चौथी फेल डिग्री"  पर ही  "एंटायर पालिटिकल सांइस"  लिख कर दे दिया है।

    महाराज,  आपकी डिग्री पाकर हम इतने अधिक खुश थे,  कि जब तक आपको यह सूचना देते,  उससे पहले ही  हमने राज्य की हर इमारत पर आपकी   "चौथी फेल एंटायर पालिटिकल सांइस"  की डिग्री के पोस्टर चिपकवा दिये। 

        महाराज,  वो तो बाद में समझ आया, कि गुरु जी  ने आपके साथ क्या  "घंटाल"   किया है।  कसम से,  तब से उन्हें बहुत ढूंढा,  पर वो  "गधे के सिर के सींग"   की तरह गायब है ?

राजा मंगलू---(खीजते हुए)---गृहमंत्री,  तुम भी तो  देख सकते थे ?

गृहमंत्री --- महाराज, मैंने   "बारहवीं"  के बाद "इंटर"  किया है,  इसलिए ज्यादा उम्मीद न रखें। 

        पर महाराज , गुरु जी  एक बात तो सत्य कह गये है, आपकी जैसी  "चौथी फेल एंटायर पालिटिकल सांइस"   डिग्री,  राज्य में किसी के पास नहीं है।

राजा मंगलू----(अत्यन्त गुस्से से)----खा.....मो...
श।

         उसी शाम राजा मंगलू ने  "आश्रम-3"  पारिवारिक सीरियल सभी दरबारियों के साथ मिलकर देखा, जिसमें से एक दरबारी  "बाबा निराला"  के किरदार को राजा मंगलू की देख-रेख में वखूबी निभा रहा था।
        
         

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